वैलेंटाइन’स डे, अम्मा, और हमारा प्यार।

फिल्म डॉन में अमिताभ बच्चन ने दो भूमिकाएँ निभायी हैं। उनमें से पहला किरदार नकारात्मक है। डॉन एक बहुत खतरनाक अपराधी है और उसके ही शब्दों में ११ मुल्कों की पुलिस उसका पीछा कर रहीं होतीं हैं। फिल्म शोले में जय और वीरू टुच्चे चोर हैं। फिल्म डर में शाहरुख़ खान ने एक बेहद संगीन और जुनूनी आशिक़ का किरदार निभाया है। फिल्म स्पेशल छब्बीस में अक्षय कुमार ने एक ठग का किरदार निभाया।

ये सब मैं आपको क्यूँ बता रहा हूँ? इस से पहले कि मैं उसका जवाब दूँ, मैं एक बात और बता देता हूँ। अभिनेता प्राण शायद अब तक के सबसे हरफनमौला कलाकार रहे हैं। कहा जाता है कि उनके नकारात्मक किरदारों को इतनी नफरत मिली कि एक वक़्त पर दर्शकों को यकीन हो गया कि प्राण निजी ज़िन्दगी में भी वही हाथ में चाबुक लेकर घूमने वाले पूंजीवादी हैवान हैं जो गरीब किसानों का खून पीता है। लोगों ने अपने बच्चों का नाम प्राण रखना बंद कर दिया। Continue reading “वैलेंटाइन’स डे, अम्मा, और हमारा प्यार।”

Swami Vivekananda, Women’s Rights, and Uniform Civil Code

India celebrated Republic Day yesterday. We celebrated National Youth Day on 12th January. We also celebrated the birth anniversary of Netaji Subhash Chandra Bose on 23rd. As I started for my work location on 12th of January, I saw on my way, a statue of Swami Vivekananda in a park. The statue shimmered like diamond, was garlanded, and ameliorated with marigold. The visage was beautiful. A similar image awaited me on 23rd January for Netaji and as we celebrated our Republic Day yesterday, I see flags and flowers blanketing the city. I had a question to myself. Have we limited our appreciation and celebrations to just a tweet a year, a post-share per annum of their famous quotes, cleaning of their statues, and garlanding them? The second question in front of me was – How many ideas of these great minds have we garlanded so far? Continue reading “Swami Vivekananda, Women’s Rights, and Uniform Civil Code”